मोटापा क्यों बढ़ता है? वजन बढ़ने के पीछे के असली कारण और विज्ञान।

क्या आपने कभी सोचा है कि संतुलित खाने के बाद भी वजन क्यों बढ़ रहा है? क्या जिम में पसीना बहाने के बाद भी पेट की चर्बी कम नहीं हो रही? वास्तव में, भारत में लाखों लोग इसी उलझन में हैं। वे समझना चाहते हैं कि आखिर मोटापा क्यों बढ़ता है? वजन बढ़ने के पीछे के असली कारण क्या है। अक्सर हम मोटापे को केवल ‘ज्यादा खाने’ से जोड़ते हैं। लेकिन, विज्ञान कहता है कि यह कहानी बहुत गहरी और जटिल है।

छोटा सा जवाब यह है… मोटापा केवल कैलोरी का खेल नहीं है। इसके विपरीत, यह शरीर में ऊर्जा और हार्मोनल तालमेल बिगड़ने का नतीजा है। इंसुलिन और लेप्टिन जैसे हार्मोन भूख को कंट्रोल करते हैं। इसलिए, इनका संतुलन बिगड़ने पर दिमाग को ‘पेट भरने’ का संकेत नहीं मिलता। नतीजतन, भारतीय डाइट में 62% कार्बोहाइड्रेट की अधिकता वजन बढ़ा देती है ।   

मोटापा क्यों बढ़ता है?

मेटाबॉलिज्म का विज्ञान: कैलोरी का गणित

मोटापा तब होता है जब शरीर में ऊर्जा का संतुलन बिगड़ जाता है । जब हम खर्च से ज्यादा कैलोरी लेते हैं, तो शरीर उसे वसा (Fat) के रूप में जमा करने लगता है।   

चयापचय या मेटाबॉलिज्म इसमें मुख्य भूमिका निभाता है। वैज्ञानिक इसे ‘बेसल मेटाबॉलिक रेट’ (BMR) कहते हैं । वास्तव में, BMR वह ऊर्जा है जो शरीर को आराम के समय चाहिए होती है। हालांकि, उम्र बढ़ने या मांसपेशियां कम होने पर BMR धीमा हो जाता है। यही कारण है कि 30 की उम्र के बाद वजन तेजी से बढ़ता है ।   

शरीर ऊर्जा कहाँ खर्च करता है?

नीचे दी गई तालिका से समझें कि आपका शरीर कैलोरी कैसे जलाता है:

ऊर्जा खर्च का माध्यमविवरणयोगदान (%)
बेसल मेटाबॉलिक रेट (BMR)अंगों को चलाने वाली बुनियादी ऊर्जा।60–75%
भोजन का पाचन (TEF)खाने को पचाने में खर्च ऊर्जा।10%
शारीरिक गतिविधिचलना, काम करना और व्यायाम।15–30%

इसका आपके रोज़मर्रा के रूटीन में क्या मतलब है… इसका मतलब यह है कि केवल ‘कम खाना’ काफी नहीं है। इसके बजाय, आपको अपने शरीर की कैलोरी जलाने की क्षमता बढ़ानी होगी ।   

हार्मोनल असंतुलन: मोटापा कब और कैसे बढ़ता है?

हार्मोन हमारे शरीर के रासायनिक संदेशवाहक होते हैं । ये बताते हैं कि कब खाना है और फैट कहाँ जमा करना है। इसलिए, इनके बिगड़ने से वजन अनियंत्रित हो जाता है।   

लेप्टिन रेजिस्टेंस: भूख का अंतहीन चक्र

लेप्टिन को ‘पेट भरने’ वाला हार्मोन कहा जाता है । यह वसा कोशिकाओं (Fat Cells) द्वारा बनाया जाता है। सामान्य तौर पर, जब शरीर में फैट बढ़ता है, तो लेप्टिन दिमाग को भूख कम करने का संकेत देता है ।   

हालांकि, मोटापे से ग्रस्त लोगों में लेप्टिन का स्तर बहुत अधिक होता है। इसके बावजूद, उनका दिमाग इस संकेत को नहीं समझ पाता। इसे ‘लेप्टिन रेजिस्टेंस’ कहते हैं । नतीजतन, दिमाग को पेट भरने का संदेश नहीं मिलता और वह भूख बढ़ा देता है। यही वजह है कि आप जरूरत से ज्यादा खाने लगते हैं ।   

इंसुलिन और फैट स्टोरेज का गहरा संबंध

इंसुलिन रक्त में शुगर के स्तर को नियंत्रित करता है । उदाहरण के लिए, जब हम सफेद चावल या चीनी खाते हैं, तो इंसुलिन बढ़ जाता है। इसके बाद, इंसुलिन वसा कोशिकाओं को फैट स्टोर करने का निर्देश देता है ।   

रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट खाने से इंसुलिन हमेशा ऊंचा रहता है। परिणामस्वरूप, यह शरीर को ‘फैट स्टोरिंग मोड’ में डाल देता है । इसके अलावा, यह जमा वसा को ऊर्जा के रूप में जलने से रोकता है। यही ‘इंसुलिन रेजिस्टेंस’ पेट की जिद्दी चर्बी का मुख्य कारण है ।   

भारतीय आहार और मोटापा: आईसीएमआर (ICMR) की चेतावनी

भारतीय खान-पान पिछले कुछ सालों में बहुत बदला है। आईसीएमआर (ICMR-INDIAB 2025) की रिपोर्ट के अनुसार, हमारी डाइट में भारी असंतुलन है ।   

62% कार्बोहाइड्रेट का बोझ

आसान शब्दों में समझें तो, हमारी प्लेट में कार्बोहाइड्रेट बहुत ज्यादा है । भारतीय अपनी कुल कैलोरी का 62% हिस्सा कार्बोहाइड्रेट से ले रहे हैं । यह वैश्विक मानकों (45-55%) से कहीं अधिक है। इसमें सफेद चावल और मैदा सबसे मुख्य हैं । वास्तव में, ये रिफाइंड कार्ब्स शरीर में तेजी से शुगर बढ़ाते हैं। इसी वजह से मोटापे और डायबिटीज का खतरा बढ़ जाता है ।   

प्रोटीन की कमी: चयापचय का असली दुश्मन

ICMR की रिपोर्ट में एक और चिंताजनक बात सामने आई है । भारतीयों के आहार में प्रोटीन की मात्रा केवल 12% है। इसके विपरीत, मांसपेशियों के लिए 15-20% प्रोटीन जरूरी है । प्रोटीन की कमी से मेटाबॉलिज्म सुस्त हो जाता है। मांसपेशियां कम होने की वजह से शरीर कम कैलोरी जलाता है ।   

अध्ययन कहता है कि अगर हम 5% कार्ब्स कम करें, तो बड़ा बदलाव आएगा । इसलिए, इन कार्ब्स की जगह दालें या पनीर लेना फायदेमंद है ।   

क्या रोटी, चावल और आलू मोटापा बढ़ाते हैं?

यह सवाल हर भारतीय घर में पूछा जाता है। वास्तव में, कोई भी खाना अपने आप में ‘बुरा’ नहीं है। समस्या उसकी मात्रा और बनाने के तरीके में है ।   

  1. सफेद चावल: पॉलिश किए चावल में फाइबर नहीं होता। इसलिए, यह शुगर को तेजी से बढ़ाता है ।   
  2. रोटी: मैदे वाली रोटी फाइबर-रहित होती है। हालांकि, इसकी जगह चोकरयुक्त आटा या बाजरा बेहतर हैं ।   
  3. आलू: आलू खुद में खराब नहीं है। लेकिन, इसे तलकर खाने से कैलोरी बहुत बढ़ जाती है ।   

चलिए इसे आसान बनाते हैं… समाधान रोटी-चावल छोड़ना नहीं है। इसके बजाय, अपनी प्लेट के आधे हिस्से को सब्जियों से भरें। इसके साथ ही, अनाज को केवल एक चौथाई हिस्से तक सीमित रखें ।   

महिलाओं में मोटापे के विशेष कारण: PCOS और थायरॉइड

महिलाओं में मोटापे के कारण अक्सर जैविक होते हैं । हार्मोनल बदलाव की वजह से वजन घटाना चुनौतीपूर्ण हो जाता है।   

PCOS/PCOD और इंसुलिन का खेल

PCOS भारत में महिलाओं में वजन बढ़ने का मुख्य कारण है । इसमें पुरुष हार्मोन बढ़ जाते हैं। नतीजतन, इंसुलिन रेजिस्टेंस पैदा होता है । यही कारण है कि PCOS में वजन अक्सर पेट के आसपास बढ़ता है ।   

थायरॉइड और धीमा मेटाबॉलिज्म

हाइपोथायरायडिज्म में थायरॉइड ग्रंथि कम हार्मोन बनाती है । ये हार्मोन शरीर की चयापचय दर को चलाते हैं। इसलिए, इनकी कमी से शरीर कैलोरी कम जलाता है । परिणाम यह होता है कि कम खाने पर भी वजन बढ़ता रहता है ।   

अचानक वजन बढ़ने के पीछे छिपे लाइफस्टाइल कारण

मोटापा केवल किचन से नहीं जुड़ा है। वास्तव में, आपकी नींद और मानसिक स्थिति भी बहुत मायने रखती है ।   

क्या दिन में सोने से मोटापा बढ़ता है?

विज्ञान कहता है कि 15-20 मिनट की छोटी झपकी अच्छी है । लेकिन, अगर दोपहर की नींद 1 घंटे से ज्यादा है, तो यह नुकसानदेह है । लंबी नींद से रात की नींद खराब होती है। इसके अलावा, रात की खराब नींद तनाव हार्मोन ‘कोर्टिसोल’ बढ़ाती है । इसी वजह से अगले दिन मीठा खाने की इच्छा बढ़ जाती है ।   

तनाव और ‘स्ट्रेस बेली’

तनाव के दौरान शरीर कोर्टिसोल छोड़ता है । कोर्टिसोल शरीर को वसा बचाने का संकेत देता है। इसके अलावा, यह फैट खासकर पेट के आसपास जमा होता है । तनाव में लोग अक्सर ‘इमोशनल ईटिंग’ भी करते हैं ।   

आयुर्वेद और मोटापा: कफ दोष का असर

प्राचीन आयुर्वेद ने भी मोटापे के विज्ञान को विस्तार से समझाया है। आयुर्वेद इसे ‘स्थौल्य’ (Sthaulya) कहता है । वास्तव में, यह मुख्य रूप से ‘कफ दोष’ के बिगड़ने से होता है ।   

मोटापा तब शुरू होता है जब पाचन अग्नि (Agni) कमजोर होती है । इसके कारण भोजन पूरी तरह नहीं पचता। परिणामस्वरूप, शरीर में ‘आम’ (टॉक्सिन्स) बनने लगते हैं । ये टॉक्सिन्स फैट मेटाबॉलिज्म को रोक देते हैं ।   

भारत में मोटापे के बढ़ते आँकड़े (NFHS-5)

मोटापा भारत में एक बड़ा स्वास्थ्य संकट बन चुका है। नीचे दी गई तालिका स्थिति को स्पष्ट करती है:

श्रेणीमोटापे की दर (%)वृद्धि दर (पिछले दशक में)
वयस्क महिलाएं24.0%91% वृद्धि
वयस्क पुरुष22.9%146% वृद्धि
शहरी आबादी33%–44%उच्च जोखिम
5 वर्ष से कम बच्चे3.4%127% वृद्धि

ये आँकड़े बताते हैं कि अब सतर्क होना बहुत जरूरी है ।   

DietDekho के समाधान: वजन घटाने के व्यावहारिक तरीके

मोटापा क्यों बढ़ता है, यह जानने के बाद अब समाधान की बारी है। DietDekho के एक्सपर्ट्स ये छोटे बदलाव सुझाते हैं:

किचन में बदलाव (Indian Kitchen Solutions)

  • प्रोटीन बढ़ाएं: अपनी दाल में पनीर या सोया चंक्स डालें। इसके अलावा, नाश्ते में अंडे शामिल करें ।   
  • मिलेट्स अपनाएं: गेहूं की जगह रागी या बाजरा खाएं। वास्तव में, इनमें फाइबर बहुत ज्यादा होता है ।   
  • चीनी कम करें: चाय-कॉफी में चीनी की मात्रा घटाएं। उदाहरण के लिए, बिस्किट की जगह भुने चने खाएं ।   
  • पानी पिएं: भोजन से 30 मिनट पहले पानी पिएं। यह मेटाबॉलिज्म को तेज करता है ।   

लाइफस्टाइल टिप्स (Busy Professional Tips)

  • 10-मिनट टहलें: हर भोजन के बाद 10 मिनट जरूर चलें। इससे शुगर कंट्रोल रहती है ।   
  • स्क्रीन टाइम घटाएं: रात को मोबाइल बंद कर दें। क्योंकि अच्छी नींद वजन घटाने में मदद करती है ।   
  • सीढ़ियां चढ़ें: लिफ्ट की जगह सीढ़ियों का इस्तेमाल करें। वास्तव में, यह एक बेहतरीन कार्डियो है ।   

विशेषज्ञ निष्कर्ष

मोटापा क्यों बढ़ता है?

वजन बढ़ने के पीछे के असली कारण और विज्ञान हमें बताता है कि यह केवल अनुशासन की कमी नहीं है। हमारा शरीर ऊर्जा बचाने के लिए बना है। इसलिए, जब हम क्रैश डाइट करते हैं, तो शरीर मेटाबॉलिज्म धीमा कर देता है ।   

सफल वजन घटाने का राज ‘छोटे और निरंतर बदलाव’ हैं। उदाहरण के तौर पर, पारंपरिक भारतीय खाने को सही मात्रा में खाएं। इसके साथ ही, तनाव और नींद को मैनेज करना भी बहुत जरूरी है।

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अस्वीकरण: यह ब्लॉग पोस्ट आपको समग्र रूप से स्वस्थ भोजन विकल्प चुनने में मदद करने के लिए लिखा गया है। इसलिए, सावधान रहें और अपना ख्याल रखें। किसी भी प्रकार का आहार शुरू करने से पहले अपने स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखें। यदि आपको कोई चिंता है, तो शुरू करने से पहले हमेशा डॉक्टर या आहार विशेषज्ञ से सलाह लें।


FAQs

1. क्या रात में चावल खाने से वजन बढ़ता है? 

चावल खुद मोटापा नहीं बढ़ाते। लेकिन, रात में शारीरिक गतिविधि कम होती है। इसलिए, चावल को सीमित मात्रा में और दाल-सब्जी के साथ खाएं ।   

2. थायरॉइड में वजन कैसे कम करें? 

थायरॉइड में वजन घटाना धीमा हो सकता है। हालांकि, सही दवा और उच्च प्रोटीन आहार से यह संभव है। इसके लिए फाइबर और एक्सरसाइज पर ध्यान दें ।   

3. क्या तनाव से पेट की चर्बी बढ़ती है? 

हाँ। तनाव हार्मोन ‘कोर्टिसोल’ सीधे तौर पर पेट के आसपास फैट जमा करता है। वास्तव में, इसे ‘स्ट्रेस बेली’ कहा जाता है ।   

4. क्या केवल एक्सरसाइज काफी है? 

नहीं। वजन घटाने में 70-80% रोल डाइट का होता है। उदाहरण के लिए, आप खराब डाइट के असर को केवल एक्सरसाइज से नहीं मिटा सकते ।   

5. डॉक्टर को कब दिखाना चाहिए? 

अगर वजन बिना कारण तेजी से बढ़े, तो डॉक्टर से मिलें। विशेष रूप से, यदि 1 महीने में 5% से ज्यादा वजन बढ़ जाए, तो यह गंभीर हो सकता है ।   

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