मोटापा क्या है और क्यों होता है

क्या आपको भी लगता है कि लाख कोशिशों के बाद भी आपका वजन बढ़ता ही जा रहा है? सुबह की सैर हो या रात का हल्का खाना, ऐसा लगता है जैसे शरीर ने वजन कम न करने की कसम खा ली हो। फिट न होने की वजह से कपड़ों का टाइट होना और आईने के सामने वह अधूरा आत्मविश्वास आज के दौर में करोड़ों भारतीयों की एक साझा कहानी बन चुका है। मोटापा क्या है और क्यों होता है? सरल शब्दों में, जब हमारे शरीर को मिलने वाली ऊर्जा (कैलोरी) हमारे द्वारा खर्च की जाने वाली ऊर्जा से लगातार अधिक होती है, तो शरीर उस अतिरिक्त ऊर्जा को वसा (चर्बी) के रूप में जमा करने लगता है। यह केवल ज्यादा खाने का परिणाम नहीं है, बल्कि इसमें आनुवंशिकता, हार्मोनल असंतुलन, तनाव और आधुनिक भारतीय जीवनशैली जैसे कई वैज्ञानिक कारण शामिल होते हैं।

विज्ञान की सरल भाषा में: आखिर मोटापा (Obesity) है क्या?

मोटापा क्या है और क्यों होता है, इसे समझने के लिए हमें ‘मोटापा की परिभाषा’ को जानना होगा। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, शरीर में असामान्य या अत्यधिक वसा का संचय जो स्वास्थ्य के लिए जोखिम पैदा करे, मोटापा कहलाता है। इसे मापने का सबसे सामान्य पैमाना बॉडी मास इंडेक्स (BMI) है। BMI की गणना इस फॉर्मूले से की जाती है: kg/m2

इसका आपके रोज़मर्रा के रूटीन में क्या मतलब है? भारतीयों के लिए मानक थोड़े अलग हैं क्योंकि हम कम वजन पर भी अधिक बीमारियों (जैसे डायबिटीज) के शिकार हो जाते हैं।

वजन की श्रेणीअंतरराष्ट्रीय BMI मानक (kg/m2)भारतीय (Asian) BMI मानक (kg/m2)
सामान्य वजन18.5 – 24.918.5 – 22.9
ओवरवेट (अधिक वजन)25.0 – 29.923.0 – 24.9
मोटापा (Obesity)≥ 30.0≥ 25.0

Expert Insight: आईसीएमआर (ICMR) की रिपोर्ट के अनुसार, भारत में लगभग 35 करोड़ लोग ‘एब्डोमिनल ओबेसिटी’ यानी पेट के मोटापे से ग्रस्त हैं। यह दर्शाता है कि हमारा वजन भले ही सामान्य दिखे, लेकिन पेट के आसपास की चर्बी हमें बीमारियों के करीब ले जा रही है।

मिथक: क्या सिर्फ ज्यादा खाना ही मोटापे का इकलौता कारण है?

आम धारणा यह है कि जो लोग मोटे हैं, वे बस ‘ज्यादा खाते’ हैं। लेकिन विज्ञान कहता है कि यह केवल एक पहलू है। वजन बढ़ने के वैज्ञानिक कारण बहुत गहरे हैं। कई बार हम संतुलित भोजन करते हैं, फिर भी मोटापा कम करने के उपाय काम नहीं करते। 3 इसका कारण शरीर का मेटाबॉलिज्म, नींद की गुणवत्ता और यहाँ तक कि आपके जीन्स भी हो सकते हैं। मोटापा क्या है और क्यों होता है, इस गुत्थी को सुलझाने के लिए हमें भारत के वास्तविक कारणों की जड़ों तक जाना होगा।

भारत में मोटापा बढ़ने के 5 सबसे बड़े और वास्तविक कारण

भारत में मोटापा बढ़ने के मुख्य कारण और समाधान को समझना इसलिए ज़रूरी है क्योंकि हमारी समस्या पश्चिमी देशों से अलग है।

  1. शहरीकरण और ‘सेडेंटरी’ लाइफस्टाइल: भारत की लगभग 50% आबादी डब्ल्यूएचओ द्वारा अनुशंसित शारीरिक गतिविधि के स्तर को पूरा नहीं कर पा रही है। ऑफिस में 8-9 घंटे बैठकर काम करना और स्क्रीन टाइम का बढ़ना कैलोरी खर्च न होने का सबसे बड़ा कारण है।
  2. अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड (UPF) का बढ़ता बाज़ार: भारत में यूपीएफ की खपत 33% सालाना की दर से बढ़ रही है। ‘हेल्दी’ लेबल वाले बिस्कुट, जूस और पैकेट बंद स्नैक्स में छिपी चीनी और नमक मोटापा बढ़ा रहे हैं।
  3. आनुवंशिकता और जीन्स: शोधकर्ताओं ने 15 से अधिक ऐसे जीन्स की पहचान की है जो मोटापे को प्रभावित करते हैं। यदि आपके परिवार में मोटापे का इतिहास है, तो आपके शरीर में चर्बी क्यों बढ़ती है, इसका जवाब आपके डीएनए में हो सकता है।
  4. नींद की कमी और तनाव: 7 घंटे से कम की नींद भूख को नियंत्रित करने वाले हार्मोन (लेप्टिन और घ्रेलिन) को बिगाड़ देती है। मानसिक तनाव शरीर में कोर्टिसोल बढ़ाता है, जो पेट के आसपास चर्बी जमा करने का संकेत देता है।
  5. पारंपरिक आहार में पोषण का असंतुलन: हमारा भोजन अक्सर कार्बोहाइड्रेट (रोटी, चावल) से भरपूर होता है लेकिन प्रोटीन और फाइबर की कमी होती है।

कैलोरी इन बनाम कैलोरी आउट: संतुलन बिगड़ने का गणित

मोटापा क्या है और क्यों होता है, इसका सीधा संबंध ऊर्जा के गणित से है। हमारा शरीर एक इंजन की तरह है।

  • कैलोरी इन: वह ऊर्जा जो हम खाने और पीने से लेते हैं।
  • कैलोरी आउट: वह ऊर्जा जो शरीर सांस लेने, पाचन और शारीरिक गतिविधियों में खर्च करता है।

आसान शब्दों में समझें तो, जब आप रोज़ाना अपनी ज़रूरत से सिर्फ 100 कैलोरी (जैसे एक बिस्कुट या आधी कोल्ड ड्रिंक) ज़्यादा लेते हैं, तो साल भर में आपका वजन 4–5 किलो तक बढ़ सकता है। भारत में मोटापा बढ़ने के मुख्य कारण और समाधान में सबसे पहले हमें इस संतुलन को वापस लाना होगा।

हार्मोनल असंतुलन: जब आपका शरीर खुद वजन घटाने का विरोध करने लगता है

कई बार हम ‘कैलोरी डेफिसिट’ में होते हैं लेकिन वजन कम नहीं होता। ऐसा तब होता है जब शरीर के आंतरिक सिग्नल खराब हो जाते हैं।

  • इंसुलिन रेजिस्टेंस: अत्यधिक चीनी और मैदा खाने से शरीर की कोशिकाएं इंसुलिन को पहचानना बंद कर देती हैं। 8 यह शरीर को वसा स्टोर करने वाले मोड में डाल देता है।
  • थायराइड (Hypothyroidism): जब थायराइड ग्रंथि धीमी पड़ जाती है, तो मेटाबॉलिज्म सुस्त हो जाता है और वजन तेजी से बढ़ने लगता है।
  • PCOS/PCOD: भारतीय महिलाओं में यह हार्मोनल विकार ‘ओबेसिटी कॉसेस इन हिंदी’ (Obesity causes in Hindi) की सूची में सबसे ऊपर है, जो इंसुलिन और एंड्रोजन के स्तर को बिगाड़ देता है।

सुरक्षा सावधानी: यदि आप थायराइड, पीसीओएस या डायबिटीज के मरीज़ हैं, तो क्रैश डाइट करने से बचें। इससे हार्मोनल स्थिति और बिगड़ सकती है।

अक्सर की जाने वाली गलतियाँ: नींद की कमी और ‘हेल्दी’ लेवल वाले जंक फूड

मोटापा क्या है और क्यों होता है, इसे समझने के सफर में हम अक्सर मार्केटिंग के जाल में फंस जाते हैं।

  • डाइट सोड़ा और शुगर-फ्री स्नैक्स: ये चीज़ें दिमाग को कंफ्यूज करती हैं और मीठे की क्रेविंग बढ़ाती हैं।
  • कम नींद: मुझे पता है समय निकालना आसान नहीं होता, लेकिन अगर आप 6 घंटे से कम सो रहे हैं, तो आप कितना भी सलाद खा लें, वजन कम करना मुश्किल होगा।
  • फलों का जूस: जूस में फाइबर नहीं होता, केवल फ्रुक्टोज (चीनी) होती है जो सीधे लिवर में जाकर चर्बी बढ़ाती है।

डरे नहीं, दिशा बदलें: छोटे बदलाव ही बड़े परिणाम लाते हैं

भारत में मोटापा बढ़ने के मुख्य कारण और समाधान की दिशा में पहला कदम छोटे और टिकाऊ बदलाव हैं।

  • प्रोटीन शामिल करें: हर भोजन में दाल, पनीर, अंडे या सोया शामिल करें। प्रोटीन मेटाबॉलिज्म को 15-30% तक बूस्ट कर सकता है।
  • NEAT मूवमेंट: जिम जाने की ज़रूरत नहीं है। फोन पर बात करते समय टहलें, लिफ्ट के बजाय सीढ़ियां लें।
  • छोटी प्लेट का इस्तेमाल: छोटे बर्तन आपके दिमाग को ‘पेट भर गया है’ का संकेत जल्दी देते हैं।
  • पानी का सही समय: भोजन से 30 मिनट पहले 2 गिलास पानी पीने से आप 13% तक कम कैलोरी खाते हैं।

मोटापे से होने वाली बीमारियों का रिस्क

बीमारीमोटापे का प्रभाव
टाइप-2 डायबिटीज10 में से 9 मरीज़ ओवरवेट होते हैं
हाई ब्लड प्रेशरदिल को खून पंप करने के लिए अधिक मेहनत करनी पड़ती है
फैटी लिवरलिवर में अतिरिक्त चर्बी जमना (NAFLD)
जोड़ों का दर्दवजन का दबाव घुटनों पर ऑस्टियोआर्थराइटिस पैदा करता है

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मोटापा क्या है और क्यों होता है, इसके पीछे हर इंसान की एक अलग मेडिकल प्रोफाइल होती है। जो डाइट आपके दोस्त के लिए काम कर रही है, ज़रूरी नहीं कि वह आपके लिए भी सही हो। DietDekho.com पर हमारा दृष्टिकोण पूरी तरह से व्यक्तिगत और व्यावहारिक है। हम जानते हैं कि व्यस्त प्रोफेशनल्स और गृहणियों के लिए सख्त जिम रूटीन संभव नहीं है, इसलिए हम आपके घर के खाने को ही आपका डॉक्टर बनाते हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

1. मोटापा की परिभाषा (Obesity Definition) क्या है?

मोटापा शरीर में वसा का वह संचय है जहाँ BMI 25 से अधिक (भारतीयों के लिए) हो जाता है। यह केवल वजन नहीं, बल्कि शरीर की कार्यप्रणाली में आने वाला बदलाव है।

2. शरीर में चर्बी क्यों बढ़ती है?

जब कैलोरी का सेवन खर्च से ज़्यादा होता है, और शरीर में इंसुलिन या कोर्टिसोल जैसे हार्मोन का संतुलन बिगड़ता है, तब चर्बी बढ़ने लगती है।

3. मोटापे के लक्षण और प्रकार क्या हैं?

मोटापे के मुख्य लक्षणों में सांस फूलना, जोड़ों में दर्द, अत्यधिक पसीना आना और खर्राटे शामिल हैं। प्रकारों में ‘जेनलाइज्ड ओबेसिटी’ (पूरे शरीर का वजन) और ‘एब्डोमिनल ओबेसिटी’ (पेट का मोटापा) मुख्य हैं।

4. क्या मोटापा आनुवंशिक (Genetics) हो सकता है?

हाँ, 15 से अधिक जीन्स मोटापे की संभावना बढ़ाते हैं। लेकिन एक हेल्दी लाइफस्टाइल से इन जेनेटिक प्रभावों को कम किया जा सकता है।

अस्वीकरण : यह ब्लॉग पोस्ट आपको समग्र रूप से स्वस्थ भोजन विकल्प चुनने में मदद करने के लिए लिखा गया है। इसलिए, सावधान रहें और अपना ख्याल रखें। किसी भी प्रकार का आहार शुरू करने से पहले अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखना सबसे महत्वपूर्ण है। यदि आपको कोई चिंता है, तो शुरू करने से पहले हमेशा डॉक्टर या आहार विशेषज्ञ से सलाह लें।

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