Table of Contents
- 1 कपड़ों का टाइट होना और आईने में खुद को देख कर होने वाली वो घबराहट
- 2 मिथक: क्या सिर्फ ज्यादा खाना ही मोटापे का एकमात्र कारण है?
- 3 विज्ञान की बात: इंसुलिन रेजिस्टेंस और धीमा मेटाबॉलिज्म कैसे काम करते हैं
- 4 भारतीय जीवनशैली की 5 गलतियाँ जो चुपके से वजन बढ़ा रही हैं
- 5 आपकी डेली रूटीन: सुबह से रात तक वजन को नियंत्रित रखने का तरीका
- 6 अक्सर की जाने वाली गलतियाँ: नींद की कमी और ‘हेल्दी’ दिखने वाले पैकेट बंद फूड
- 7 छोटे बदलाव लाएंगे बड़ा फर्क: अपनी सेहत का सफर आज से शुरू करें
- 8 अपने शरीर की जरूरतों को समझें—Diet Dekho एक्सपर्ट से कस्टमाइज्ड सलाह लें
क्या आपने कभी गौर किया है कि आप उतना ही खा रहे हैं जितना पहले खाते थे, फिर भी वजन बढ़ रहा है? अक्सर लोग खुद से यही सवाल पूछते हैं कि मोटापा कब और क्यों बढ़ता है? यह बदलाव केवल लुक के बारे में नहीं है। दरअसल, जब पसंदीदा कपड़े टाइट होने लगते हैं और आईने में खुद को देखकर घबराहट होने लगती है, तब हमें अहसास होता है कि शरीर में कुछ सही नहीं चल रहा है।
मोटापा तब बढ़ता है जब शरीर में इंसुलिन और लेप्टिन जैसे हार्मोन का संतुलन बिगड़ जाता है। विज्ञान के अनुसार, यह केवल ज्यादा खाने का मामला नहीं है। वास्तव में, भारतीय आहार में 62% कार्बोहाइड्रेट की अधिकता और मांसपेशियों की कमी मेटाबॉलिज्म को धीमा कर देती है। नतीजतन, शरीर कैलोरी जलाने के बजाय उसे फैट के रूप में स्टोर करने लगता है 1।

कपड़ों का टाइट होना और आईने में खुद को देख कर होने वाली वो घबराहट
मुझे पता है कि सुबह तैयार होते समय जब जींस का बटन बंद नहीं होता, तो वह पल कितना तनावपूर्ण होता है। यह घबराहट स्वाभाविक है क्योंकि वजन बढ़ना केवल शारीरिक बदलाव नहीं, बल्कि मानसिक बोझ भी बन जाता है। भारत में वजन क्यों बढ़ता है, इसके पीछे हमारी बदलती जीवनशैली एक बड़ा हाथ है। हम अक्सर इसे ‘आराम की जिंदगी’ कहते हैं, लेकिन असल में हमारा शरीर इस निष्क्रियता के लिए नहीं बना है। कपड़ों का टाइट होना एक सिग्नल है कि अब रुककर अपनी आदतों पर गौर करने का समय आ गया है 6।
मिथक: क्या सिर्फ ज्यादा खाना ही मोटापे का एकमात्र कारण है?
ज्यादातर लोग सोचते हैं कि मोटापा केवल पेटू होने की निशानी है। हालांकि, विज्ञान इस बात को सिरे से खारिज करता है। बेशक, कैलोरी मायने रखती है, लेकिन वजन बढ़ने के पीछे जेनेटिक्स, हार्मोन और तनाव का भी बड़ा हाथ होता है 9।
उदाहरण के लिए, अगर दो लोग एक जैसा खाना खाएं, तो भी एक का वजन बढ़ सकता है और दूसरे का नहीं। इसका कारण यह है कि उनका मेटाबॉलिज्म और हार्मोनल रिस्पॉन्स अलग-अलग होता है। इसलिए, यह कहना गलत है कि सिर्फ ‘कम खाकर’ आप पतले हो जाएंगे। खराब जीवनशैली और मोटापा एक-दूसरे से गहरे जुड़े हैं, जहाँ नींद की कमी और तनाव खाने की मात्रा से ज्यादा असर डाल सकते हैं ।
विज्ञान की बात: इंसुलिन रेजिस्टेंस और धीमा मेटाबॉलिज्म कैसे काम करते हैं
वजन प्रबंधन में सबसे बड़ा खिलाड़ी ‘इंसुलिन’ है। जब हम ज्यादा चीनी या मैदा खाते हैं, तो शरीर में इंसुलिन का स्तर बढ़ जाता है। लंबे समय तक ऐसा होने से ‘इंसुलिन रेजिस्टेंस’ विकसित होता है । आसान शब्दों में कहें तो, आपकी कोशिकाएं इंसुलिन की बात सुनना बंद कर देती हैं। नतीजतन, शुगर खून में तैरती रहती है और लिवर उसे फैट में बदल देता है।
इसके साथ ही, धीमा मेटाबॉलिज्म आग में घी का काम करता है। मेटाबॉलिज्म वह दर है जिस पर आपका शरीर ऊर्जा जलाता है 2। उम्र बढ़ने के साथ मांसपेशियों का कम होना इसे और धीमा कर देता है। यही वह मुख्य बिंदु है जहाँ मोटापा कब और क्यों बढ़ता है, इसका वैज्ञानिक जवाब छिपा है ।

भारतीय जीवनशैली की 5 गलतियाँ जो चुपके से वजन बढ़ा रही हैं
भारत में वजन बढ़ने के मुख्य कारण और बचाव को समझने के लिए हमें अपनी थाली और आदतों को देखना होगा। यहाँ 5 ऐसी गलतियाँ हैं जो हम अनजाने में रोज करते हैं:
- कार्ब्स की अधिकता: आईसीएमआर (ICMR) की 2025 की रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय अपनी 62% कैलोरी कार्ब्स से लेते हैं ।
- प्रोटीन की भारी कमी: हमारी डाइट में प्रोटीन केवल 12% है, जबकि यह कम से कम 15-20% होना चाहिए ।
- गलत तेल का चुनाव: रिफाइंड तेलों और सैचुरेटेड फैट का बढ़ता इस्तेमाल चयापचय को नुकसान पहुँचा रहा है ।
- बैठकर काम करने की आदत: घंटों एक ही जगह बैठकर स्क्रीन देखना कैलोरी बर्न होने की प्रक्रिया को रोक देता है ।
- इमोशनल ईटिंग: तनाव होने पर समोसे या बिस्किट खाना भारतीय घरों में आम है, जो सीधे वजन बढ़ाता है ।
आपकी डेली रूटीन: सुबह से रात तक वजन को नियंत्रित रखने का तरीका
मोटापा रोकने के घरेलू उपाय आपकी दिनचर्या में ही छिपे हैं। चलिए इसे आसान बनाते हैं:
- सुबह की शुरुआत: दिन की शुरुआत गुनगुने पानी और प्रोटीन-युक्त नाश्ते (जैसे पनीर चिला या अंडे) से करें। इससे दिन भर भूख कम लगती है ।
- दोपहर का लंच: अपनी प्लेट में अनाज कम और सब्जियां ज्यादा रखें। दही या छाछ को शामिल करना न भूलें, क्योंकि ये पाचन में मदद करते हैं ।
- शाम की वॉक: ऑफिस से आने के बाद या काम के बीच में 10-15 मिनट की तेज सैर मेटाबॉलिज्म को एक्टिव रखती है।
- रात का डिनर: सोने से कम से कम 2-3 घंटे पहले हल्का भोजन करें। दाल का सूप या ग्रिल्ड पनीर इसके अच्छे विकल्प हैं।
अक्सर की जाने वाली गलतियाँ: नींद की कमी और ‘हेल्दी’ दिखने वाले पैकेट बंद फूड
क्या आपको पता है कि मोटापा कब और क्यों बढ़ता है? इसका एक बड़ा कारण आपकी अधूरी नींद है। जब आप कम सोते हैं, तो शरीर में ‘घ्रेलिन’ (भूख बढ़ाने वाला हार्मोन) बढ़ जाता है 37। इसके कारण आपको अगले दिन जंक फूड खाने की तीव्र इच्छा होती है।
इसके अलावा, हम अक्सर विज्ञापन देखकर ‘लो-फैट’ या ‘शुगर-फ्री’ पैकेट बंद फूड खरीद लेते हैं। लेकिन, इनमें स्वाद बढ़ाने के लिए भारी मात्रा में सोडियम और प्रिजर्वेटिव्स होते हैं। ये चीजें शरीर में वाटर रिटेंशन बढ़ाती हैं, जिससे मोटापा बढ़ने के लक्षण जैसे चेहरे और पैरों में सूजन दिखने लगती है 。

छोटे बदलाव लाएंगे बड़ा फर्क: अपनी सेहत का सफर आज से शुरू करें
मोटापा कम करने के उपाय रातों-रात चमत्कार नहीं दिखाते, बल्कि छोटे-छोटे कदमों से मिलते हैं। उदाहरण के लिए, अगर आप सिर्फ चाय में चीनी कम कर दें और लिफ्ट की जगह सीढ़ियों का इस्तेमाल करें, तो साल भर में आप कई किलो वजन कम कर सकते हैं।
प्रोटीन का सेवन बढ़ाना भी एक जादुई बदलाव है। आईसीएमआर के अनुसार, यदि आप अपनी डाइट में सिर्फ 5% कार्बोहाइड्रेट की जगह प्रोटीन (दालें, सोया, पनीर) शामिल करें, तो डायबिटीज और मोटापे का खतरा काफी कम हो जाता है । खुद पर कठोर होने के बजाय, अपने शरीर के प्रति दयालु बनें और स्वस्थ विकल्प चुनें 。
अपने शरीर की जरूरतों को समझें—Diet Dekho एक्सपर्ट से कस्टमाइज्ड सलाह लें
हर इंसान का शरीर अलग होता है, इसलिए सबकी जरूरतें भी अलग होती हैं। PCOD, थायरॉइड या डायबिटीज जैसी स्थितियों में वजन घटाना एक चुनौती हो सकता है। इसीलिए, DietDekho.com पर हम आपको केवल एक डाइट चार्ट नहीं देते, बल्कि आपके लाइफस्टाइल के हिसाब से एक सस्टेनेबल प्लान तैयार करते हैं। हमारे साथ 20,000 से अधिक लोगों ने अपनी सेहत को बदला है ।
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अस्वीकरण : ब्लॉग पोस्ट आपको समग्र रूप से स्वस्थ भोजन विकल्प चुनने में मदद करने के लिए लिखा गया है। इसलिए, सावधान रहें और अपना ख्याल रखें। किसी भी प्रकार का आहार शुरू करने से पहले अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखना सबसे महत्वपूर्ण है। यदि आपको कोई चिंता है, तो शुरू करने से पहले हमेशा डॉक्टर या आहार विशेषज्ञ से सलाह लें।

FAQs (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)
1. क्या दोपहर में सोने से मोटापा बढ़ता है?
सिर्फ 15-20 मिनट की पावर नैप नुकसान नहीं पहुँचाती। हालांकि, 1 घंटे से ज्यादा की नींद रात की नींद खराब कर सकती है, जिससे तनाव हार्मोन बढ़ते हैं और वजन बढ़ सकता है 。
2. क्या रोटी और चावल छोड़ने से वजन कम हो जाएगा?
रोटी-चावल छोड़ना जरूरी नहीं है, बल्कि उनकी मात्रा कम करना और उन्हें प्रोटीन (दाल/पनीर) के साथ खाना ज्यादा जरूरी है। पोर्शन कंट्रोल ही असली कुंजी है ।
3. तनाव से वजन कैसे बढ़ता है?
तनाव के दौरान शरीर ‘कोर्टिसोल’ रिलीज करता है। यह हार्मोन सीधे तौर पर पेट के आसपास चर्बी जमा करने का निर्देश देता है। इसे ही ‘स्ट्रेस बेली’ कहा जाता है ।
4. बच्चों में मोटापा बढ़ने के मुख्य कारण क्या हैं?
बढ़ता स्क्रीन टाइम, घर के खाने की जगह जंक फूड और शारीरिक खेल-कूद की कमी बच्चों में मोटापे का मुख्य कारण हैं 。
5. क्या थायरॉइड में वजन घटाना संभव है?
हाँ, बिल्कुल। सही दवा और मेटाबॉलिज्म बूस्ट करने वाली डाइट के साथ थायरॉइड में भी स्वस्थ वजन हासिल किया जा सकता है 。
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Dr. Ritika is a nutrition and lifestyle expert with 2+ years of experience, helping clients manage weight and health through practical, personalized diet plans.