मोटापा कम करने के लिए क्या खाएं

क्या आप भी हर सुबह आईने के सामने खड़े होकर यह सोचते हैं कि आखिर यह पेट की चर्बी कब और कैसे कम होगी? मुझे पता है समय निकालना आसान नहीं होता, खासकर जब आप घर और ऑफिस की जिम्मेदारियों के बीच खुद को भूल जाते हैं। लेकिन सच यह है कि मोटापा कम करने के लिए क्या खाएं, यह केवल कैलोरी गिनने के बारे में नहीं है, बल्कि अपनी पारंपरिक भारतीय थाली को सही तरीके से सजाने के बारे में है।

मोटापा कम करने के लिए आपको फाइबर युक्त साबुत अनाज (जैसे बाजरा, रागी), उच्च प्रोटीन के स्रोत (जैसे मूंग दाल, पनीर, अंडे) और कम से कम 50% हिस्से में ताजी मौसमी सब्जियां शामिल करनी चाहिए । चीनी, मैदा और अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड से पूरी तरह परहेज करते हुए, नियमित अंतराल पर संतुलित भोजन करना ही वजन घटाने का सबसे सटीक और वैज्ञानिक तरीका है।

चलिए इसे आसान बनाते हैं और समझते हैं कि कैसे आप अपनी व्यस्त दिनचर्या में छोटे-छोटे बदलाव करके एक स्वस्थ शरीर पा सकते हैं।

भारत में मोटापे की वर्तमान स्थिति और इसके कारण

आजकल की जीवनशैली ने हमें सुख-सुविधाएं तो दी हैं, लेकिन इसके साथ ही मोटापा एक महामारी की तरह फैल रहा है। राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (NFHS-5) के आंकड़े बताते हैं कि भारत में 24% महिलाएं और लगभग 23% पुरुष अब अधिक वजन (Higherweight) या मोटापे की श्रेणी में आते हैं । यह वृद्धि पिछले पांच वर्षों में काफी तेजी से हुई है, जो चिंता का विषय है।

इसका आपके रोज़मर्रा के रूटीन में क्या मतलब है? इसका सीधा सा अर्थ है कि हमारी शारीरिक गतिविधियां कम हो गई हैं और हम ऐसे भोजन का अधिक सेवन कर रहे हैं जो ऊर्जा तो बहुत देता है लेकिन पोषण नहीं । शहरी क्षेत्रों में रहने वाले लोग और व्यस्त प्रोफेशनल्स इसका सबसे ज्यादा शिकार हो रहे हैं। भारतीय शरीर की संरचना ऐसी है कि हमारे शरीर में ‘एब्डोमिनल ओबेसिटी’ यानी पेट के चारों ओर चर्बी जमा होने की प्रवृत्ति अधिक होती है, जो हृदय रोगों और टाइप 2 डायबिटीज के खतरे को बढ़ा देती है ।

मोटापे को मापने का सही तरीका: BMI और कमर का घेरा

मोटापा कम करने के उपाय खोजने से पहले यह जानना जरूरी है कि आपका वजन कितना अधिक है।

श्रेणीभारतीयों के लिए BMI (kg/m²)स्वास्थ्य जोखिम
सामान्य वजन18.5 – 22.9न्यूनतम
ओवरवेट (Higherweight)23.0 – 24.9मध्यम
मोटापा (Obesity)≥ 25.0उच्च
गंभीर मोटापा≥ 35.0बहुत उच्च

केवल वजन ही सब कुछ नहीं है। अगर आपकी कमर का घेरा पुरुषों में 90 सेमी और महिलाओं में 80 सेमी से अधिक है, तो यह ‘एब्डोमिनल ओबेसिटी’ का संकेत है, जिसे कम करना सबसे ज्यादा जरूरी है ।

मोटापा कम करने के लिए संतुलित आहार के फायदे और सिद्धांत

आसान शब्दों में समझें तो, मोटापा कम करने के लिए क्या खाएं। आहार विशेषज्ञ अब ‘भूख हड़ताल’ के बजाय ‘स्मार्ट ईटिंग’ पर जोर देते हैं। हार्वर्ड यूनिवर्सिटी और आईसीएमआर (ICMR) दोनों ही एक ‘हेल्दी थाली’ का सुझाव देते हैं जो पोषण के सभी तत्वों को संतुलित करती है ।

हार्वर्ड हेल्दी ईटिंग प्लेट का भारतीय रूपांतरण

वजन घटाने के लिए अपनी थाली को इन चार हिस्सों में बांटें:

  1. 50% फल और सब्जियां: अपनी थाली का आधा हिस्सा रंग-बिरंगी सब्जियों और फलों से भरें। ध्यान रहे कि आलू और फ्रेंच फ्राइज इसमें शामिल नहीं हैं ।
  2. 25% साबुत अनाज: रिफाइंड अनाज (मैदा, सफेद चावल) की जगह साबुत अनाज जैसे बाजरा, ज्वार, रागी, ओट्स या ब्राउन राइस को दें ।
  3. 25% स्वस्थ प्रोटीन: दालें, छोले, राजमा, पनीर, टोफू, अंडे, या लीन चिकन और मछली प्रोटीन के बेहतरीन स्रोत हैं ।
  4. स्वस्थ तेल और पानी: खाना पकाने के लिए सरसों के तेल, मूंगफली के तेल या जैतून के तेल का सीमित उपयोग करें और खूब सारा पानी पिएं ।

वजन घटाने के लिए सुबह का नाश्ता कैसा होना चाहिए?

सुबह का नाश्ता आपके मेटाबॉलिज्म को किक-स्टार्ट करता है। यदि आप नाश्ता छोड़ देते हैं, तो दोपहर तक आपको बहुत तेज भूख लगती है और आप ओवरईटिंग कर लेते हैं। मोटापा कम करने के लिए क्या खाएं, इसकी शुरुआत आपके नाश्ते से होती है।

फाइबर और प्रोटीन का मेल

भारतीय नाश्ते में अक्सर कार्बोहाइड्रेट की मात्रा अधिक होती है (जैसे पराठा या पोहा)। इसे संतुलित करने के लिए इसमें प्रोटीन जोड़ना जरूरी है।

  • मूंग दाल चिल्ला: यह प्रोटीन और फाइबर का एक बेहतरीन मेल है। इसमें बारीक कटी सब्जियां डालने से यह और भी पौष्टिक हो जाता है ।
  • वेजिटेबल ओट्स उपमा: ओट्स में मौजूद बीटा-ग्लूकन फाइबर कोलेस्ट्रॉल कम करने और पेट भरा रखने में मदद करता है ।
  • अंडे की सफेदी और सब्जियां: यदि आप मांसाहारी हैं, तो 2-3 अंडों की सफेदी का ऑमलेट ढेर सारी सब्जियों के साथ ले सकते हैं ।

व्यस्त प्रोफेशनल्स के लिए नाश्ते के विकल्प

यदि आपके पास समय की कमी है, तो रात को भिगोए हुए ओट्स (Overnight Oats) या स्प्राउट्स सलाद (अंकुरित मूंग और चना) एक शानदार विकल्प है। यह न केवल समय बचाता है बल्कि आपको लंबे समय तक ऊर्जावान भी रखता है ।

दोपहर के भोजन में क्या खाएं? (लंच स्ट्रैटेजी)

दोपहर का भोजन आपकी ऊर्जा का मुख्य स्रोत होता है। भारत में लंच में दाल, चावल और रोटी आम है, लेकिन वजन घटाने के लिए इसे थोड़ा बदलने की जरूरत है।

अनाज का चुनाव

वजन घटाने के लिए डाइट चार्ट में रिफाइंड अनाज की जगह साबुत अनाज को प्राथमिकता दें।

  • मल्टीग्रेन या चोकर युक्त रोटी: आटे से चोकर न निकालें। इसमें फाइबर होता है जो पाचन को धीमा करता है और आपको संतुष्ट रखता है ।
  • ब्राउन राइस या रेड राइस: यदि आपको चावल पसंद है, तो मात्रा सीमित रखें (1 कटोरी) और सफेद चावल की जगह ब्राउन राइस चुनें ।

दालें और सब्जियां

दालें भारतीय शाकाहारी आहार में प्रोटीन का सबसे बड़ा स्रोत हैं। ICMR के नए दिशा-निर्देशों के अनुसार, हमें प्रतिदिन लगभग 85-90 ग्राम दालों का सेवन करना चाहिए ।

  • सब्जियों की मात्रा बढ़ाएं: लंच में कम से कम दो तरह की सब्जियां होनी चाहिए—एक हरी पत्तेदार सब्जी और एक रेशेदार सब्जी (जैसे लौकी या तोरई) ।

रात के खाने में क्या खाएं जिससे वजन कम हो?

डिनर वजन घटाने की प्रक्रिया का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है। सूरज ढलने के बाद हमारा मेटाबॉलिज्म धीमा हो जाता है, इसलिए रात का खाना हल्का और सुपाच्य होना चाहिए ।

सोने से 3 घंटे पहले भोजन

कोशिश करें कि रात का खाना 8 बजे तक खत्म कर लें।

  • सूप और सलाद: एक बड़ा कटोरा सब्जियों का सूप या पपीता रात के खाने के लिए बेहतरीन है ।
  • हल्की खिचड़ी: बाजरा या मूंग दाल की खिचड़ी जिसमें सब्जियां अधिक और अनाज कम हो, वजन घटाने में बहुत सहायक होती है ।
  • पनीर या चिकन: ग्रिल्ड पनीर या उबला हुआ चिकन (Skinless) कम कैलोरी और उच्च प्रोटीन प्रदान करता है, जो रात में मांसपेशियों की रिकवरी में मदद करता है ।

रात के खाने में बचने वाली चीजें

देर रात को भारी कार्बोहाइड्रेट (जैसे पराठा, बिरयानी) या मीठा खाने से बचें। यह सीधे तौर पर चर्बी के रूप में जमा होता है क्योंकि रात में शरीर इसे ऊर्जा के रूप में उपयोग नहीं कर पाता ।

मोटापा कम करने के लिए फल और सब्जियां: सुपरफूड्स की सूची

फलों और सब्जियों में कैलोरी कम और पोषक तत्व अधिक होते हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, प्रतिदिन कम से कम 400 ग्राम फल और सब्जियां खाने से हृदय रोग और मोटापे का खतरा कम होता है ।

सबसे प्रभावी सब्जियां

  • लौकी (Bottle Gourd): इसमें पानी की मात्रा अधिक होती है और यह वजन घटाने के लिए सबसे प्रसिद्ध सब्जी है ।
  • करेला (Bitter Gourd): यह न केवल वजन कम करता है बल्कि इंसुलिन रेजिस्टेंस को भी सुधारता है ।
  • पालक और साग: ये आयरन और फाइबर के भंडार हैं ।

फल जो वजन घटाते हैं

मोटापा कम करने के लिए फल चुनते समय उनके ग्लाइसेमिक इंडेक्स (GI) का ध्यान रखें।

  • पपीता: यह पाचन को दुरुस्त करता है और इसमें पेपेन एंजाइम होता है जो वजन घटाने में मदद करता है ।
  • सेब और अमरूद: इनमें पेक्टिन फाइबर होता है जो भूख को नियंत्रित करता है ।
  • साइट्रस फल: संतरा, मौसंबी और नींबू विटामिन C से भरपूर होते हैं और फैट मेटाबॉलिज्म को तेज करते हैं ।
फल/सब्जीप्रमुख लाभकब खाएं?
पपीतापाचन और कब्ज में राहतसुबह खाली पेट या नाश्ते में
लौकीकम कैलोरी, हाइड्रेशनदोपहर या रात के खाने में
सेबभूख पर नियंत्रणमिड-मॉर्निंग स्नैक (11 बजे)
संतरामेटाबॉलिज्म बूस्टशाम के समय

प्रोटीन युक्त भोजन: शाकाहारियों और मांसाहारियों के लिए विकल्प

वजन घटाने के लिए प्रोटीन युक्त भोजन करना क्यों जरूरी है? छोटा सा जवाब यह है कि प्रोटीन पचाने में शरीर को अधिक ऊर्जा खर्च करनी पड़ती है (Thermic Effect of Food) और यह आपको लंबे समय तक संतुष्ट रखता है ।

शाकाहारी विकल्प

  • दालें और फलियां: चना, मूंग, मसूर और सोयाबीन।
  • डेयरी: कम फैट वाला दही, छाछ और टोफू ।
  • नट्स और बीज: कद्दू के बीज, अलसी के बीज (Flaxseeds) और बादाम ।

मांसाहारी विकल्प

  • मछली: रोहू, कतला या साल्मन जो ओमेगा-3 फैटी एसिड से भरपूर होती हैं ।
  • चिकन: हमेशा स्किनलेस चिकन चुनें और उसे तलने के बजाय उबालें या ग्रिल करें ।

पीसीओडी, डायबिटीज और थायरॉइड में वजन घटाने के खास सुझाव

जब आप किसी मेडिकल कंडीशन के साथ वजन घटाने की कोशिश करते हैं, तो चुनौतियां बढ़ जाती हैं। लेकिन सही जानकारी के साथ इसे मैनेज करना संभव है।

PCOD/PCOS और वजन घटाना

पीसीओडी में इंसुलिन रेजिस्टेंस मुख्य समस्या होती है।

  • लो-ग्लाइसेमिक इंडेक्स डाइट: सफेद चावल की जगह रागी या बाजरा लें ।
  • दालचीनी और मेथी: ये मसाले इंसुलिन संवेदनशीलता को सुधारते हैं ।
  • सावधानी: पैकेट बंद जूस और मीठी चीजों से पूरी तरह दूरी बनाएं क्योंकि ये हार्मोनल असंतुलन को बिगाड़ते हैं ।

थायरॉइड (Hypothyroidism) के लिए आहार

थायरॉइड में मेटाबॉलिज्म बहुत धीमा हो जाता है।

  • आयोडीन और सेलेनियम: आयोडीन युक्त नमक और सूरजमुखी के बीज/नट्स का सेवन करें ।
  • क्रूसिफेरस सब्जियां: गोभी और ब्रोकली को कच्चा खाने से बचें; हमेशा पकाकर खाएं ।
  • फाइबर: थायरॉइड में अक्सर कब्ज की समस्या होती है, इसलिए साबुत अनाज और पर्याप्त पानी लें ।

डायबिटीज और हाई BP (Hypertension)

  • नमक और चीनी पर नियंत्रण: प्रतिदिन 5 ग्राम (1 चम्मच) से कम नमक और 25 ग्राम से कम चीनी लें ।
  • पोटेशियम युक्त भोजन: केला (सीमित मात्रा में), पालक और नारियल पानी बीपी को नियंत्रित करने में मदद करते हैं ।

मोटापा दूर करने के लिए आयुर्वेदिक डाइट और घरेलू नुस्खे

आयुर्वेद केवल इलाज नहीं, जीवन जीने का तरीका है। मोटापा कम करने के लिए आयुर्वेदिक डाइट में ‘अग्नि’ (Digestive Fire) को प्रज्वलित करने पर जोर दिया जाता है ।

मेटाबॉलिज्म बढ़ाने के आयुर्वेदिक तरीके

  1. उष्ण जल (Warm Water): दिन भर गुनगुना पानी पीने से शरीर के टॉक्सिन्स (Ama) बाहर निकलते हैं और फैट मेटाबॉलिज्म बेहतर होता है ।
  2. त्रिफला (Triphala): रात को सोते समय एक चम्मच त्रिफला चूर्ण गुनगुने पानी से लें। यह पाचन तंत्र को साफ करता है ।
  3. मसालों का जादू: सोंठ (Dry Ginger), काली मिर्च और दालचीनी को अपने भोजन में शामिल करें। ये मसाले ‘दीपन’ और ‘पाचन’ का कार्य करते हैं ।

प्रभावी काढ़े और ड्रिंक्स

  • नींबू-शहद पानी: सुबह खाली पेट गुनगुने पानी में आधा नींबू और एक चम्मच शहद (शहद को बहुत गर्म पानी में न मिलाएं) ।
  • मेथी पानी: रात भर भीगे हुए मेथी के दानों का पानी सुबह पिएं। यह भूख को नियंत्रित करता है ।
  • जीरा और अजवाइन पानी: यह गैस और सूजन (Bloating) को कम करने में अचूक है ।

व्यस्त प्रोफेशनल्स और गृहिणियों के लिए व्यावहारिक जीवनशैली युक्तियाँ

मुझे पता है कि डाइट चार्ट को फॉलो करना तब मुश्किल हो जाता है जब आपके पास खुद के लिए समय न हो। चलिए इसे आपके रूटीन के हिसाब से ढालते हैं।

व्यस्त प्रोफेशनल्स के लिए टिप्स

  • डेस्क स्नैकिंग से बचें: ऑफिस में समोसे या बिस्कुट की जगह भुने हुए मखाने या चने रखें ।
  • सीढ़ियों का इस्तेमाल: यदि जिम जाने का समय नहीं है, तो लिफ्ट की जगह सीढ़ियां चुनें। 30 मिनट की तेज चाल (Brisk Walk) भी काफी है 22
  • हाइड्रेटेड रहें: कई बार प्यास को हम भूख समझ लेते हैं। अपनी टेबल पर पानी की बोतल रखें 。

गृहिणियों के लिए टिप्स

  • बचे हुए खाने का जाल: अक्सर महिलाएं बच्चों या पति का बचा हुआ खाना खा लेती हैं। इससे आपकी कैलोरी बढ़ जाती है। उतना ही बनाएं जितना जरूरी हो।
  • खाना पकाते समय चखना: खाना बनाते समय बार-बार चखने से भी अतिरिक्त कैलोरी शरीर में जाती है, इसका ध्यान रखें।
  • किचन में छोटे बदलाव: पराठे की जगह सादी रोटी और घी की जगह कम तेल का उपयोग करें ।

क्या खाने से वजन जल्दी घटता है? (वजन घटाने के लिए लो कैलोरी डाइट)

वजन घटाने का मतलब यह नहीं है कि आप कुछ भी खा लें। कुछ खाद्य पदार्थ ऐसे होते हैं जिन्हें ‘नेगेटिव कैलोरी फूड’ कहा जाता है क्योंकि उन्हें पचाने में शरीर अधिक ऊर्जा खर्च करता है।

  • खीरा और ककड़ी: इनमें 95% पानी होता है और कैलोरी लगभग शून्य ।
  • नींबू और अदरक: ये मेटाबॉलिज्म को 20% तक बढ़ा सकते हैं ।
  • छाछ (Buttermilk): दोपहर के भोजन के बाद छाछ पीना पाचन के लिए अमृत है और यह पेट को भारी महसूस होने से बचाता है ।

कैलोरी डेंसिटी को समझना

उच्च कैलोरी (बचें)विकल्प (अपनाएं)क्यों?
सफेद ब्रेड/मैदाओट्स/दलियाफाइबर की अधिकता
फुल क्रीम दूधटोन्ड/स्किम्ड दूधकम सैचुरेटेड फैट
तली हुई नमकीनभुने हुए मखाने/चनेकम कैलोरी, उच्च प्रोटीन
कोल्ड ड्रिंक्स/जूसनींबू पानी/नारियल पानीकोई अतिरिक्त चीनी नहीं

7-दिवसीय भारतीय वेट लॉस डाइट चार्ट (Sample Plan)

यह चार्ट एक औसत वयस्क के लिए है। कृपया अपनी स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार इसमें बदलाव करें।

दिनसमयभोजन
दिन 1 से 3सुबहनींबू पानी + 5 बादाम
नाश्तामूंग दाल चिल्ला या ओट्स दलिया
दोपहर का भोजन1 रोटी + 1 कटोरी दाल + सलाद + सब्जी
शामग्रीन टी + भुने चने
रात का भोजनपपीता या सब्जियों का सूप
दिन 4 से 6नाश्ताबेसन चिल्ला या पनीर सैंडविच (होल व्हीट)
दोपहर का भोजन1 कटोरी ब्राउन राइस या रागी रोटी + राजमा/छोले + दही
रात का भोजनग्रिल्ड मछली/चिकन या सोया बड़ी की सब्जी + सलाद
दिन 7पूरा दिनपसंद का हेल्दी भोजन, लेकिन चीनी और अधिक तेल से परहेज

वजन घटाने के लिए नींद और तनाव का महत्व

इसका आपके रोज़मर्रा के रूटीन में क्या मतलब है? इसका मतलब है कि अगर आप कम सोएंगे, तो आपका शरीर ‘कॉर्टिसोल’ (तनाव हार्मोन) रिलीज करेगा, जो फैट स्टोर करने का संकेत देता है 9

  • 7-8 घंटे की नींद: यह शरीर को रिकवर करने और मेटाबॉलिज्म को नियंत्रित करने का समय देती है 9
  • प्राणायाम और योग: कपालभाति और अनुलोम-विलोम पेट की चर्बी घटाने में मानसिक और शारीरिक रूप से मदद करते हैं 22

निष्कर्ष (Conclusion)

मोटापा कम करना कोई सजा नहीं है, बल्कि यह अपने आप से प्यार करने का एक तरीका है। मोटापा कम करने के लिए क्या खाएं, इसका जवाब आपके किचन में ही छिपा है। बस जरूरत है तो थोड़े अनुशासन और सही चुनाव की। याद रखें, धीरे-धीरे कम किया गया वजन ही लंबे समय तक बरकरार रहता है। “क्रैश डाइट” के चक्कर में न पड़ें, बल्कि अपनी भारतीय जड़ों की ओर लौटें—जहाँ बाजरा, दालें, और ताजी सब्जियां हमारे स्वास्थ्य का आधार थीं।

हमें उम्मीद है कि यह जानकारी आपके वेट लॉस सफर को आसान बनाएगी। स्वस्थ रहें, खुश रहें!

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अस्वीकरण : यह ब्लॉग पोस्ट आपको समग्र रूप से स्वस्थ भोजन विकल्प चुनने में मदद करने के लिए लिखा गया है। इसलिए, सावधान रहें और अपना ख्याल रखें। किसी भी प्रकार का आहार शुरू करने से पहले अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखना सबसे महत्वपूर्ण है। यदि आपको कोई चिंता है, तो शुरू करने से पहले हमेशा डॉक्टर या आहार विशेषज्ञ से सलाह लें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

Q1. क्या चावल खाने से वजन बढ़ता है?

A1. चावल अपने आप में बुरा नहीं है, लेकिन इसकी मात्रा और प्रकार मायने रखता है। सफेद पॉलिश किए हुए चावल की जगह ब्राउन राइस या हैंड-पाउंडेड चावल चुनें। एक बार में एक छोटी कटोरी से ज्यादा न खाएं और इसे हमेशा दाल और सब्जियों के साथ मिलाकर लें ताकि फाइबर बना रहे ।

Q2. सुबह खाली पेट क्या पीने से पेट की चर्बी जल्दी कम होती है?

A2. गुनगुने पानी में नींबू और आधा चम्मच दालचीनी पाउडर, या रात भर भीगे हुए मेथी/जीरे का पानी मेटाबॉलिज्म बढ़ाने में बहुत प्रभावी होता है। यह पाचन अग्नि को सक्रिय करता है और फैट बर्निंग में मदद करता है 。

Q3. क्या वजन घटाने के लिए रोटी छोड़ना जरूरी है?

A3. बिल्कुल नहीं। रोटी फाइबर का अच्छा स्रोत है। बस गेहूं के आटे में थोड़ा बाजरा, ज्वार या चना मिलाकर इसे ‘मल्टीग्रेन’ बना लें। मैदा वाली रोटी या नान से परहेज करें ।

Q4. पीसीओडी में वजन कम क्यों नहीं होता?

A4. पीसीओडी में हार्मोनल असंतुलन और इंसुलिन रेजिस्टेंस की वजह से शरीर फैट को जल्दी बर्न नहीं कर पाता। इसके लिए लो-जीआई (Low-GI) डाइट, स्ट्रेंथ ट्रेनिंग और तनाव कम करना बहुत जरूरी है। आहार में दालचीनी और अलसी के बीज शामिल करने से लाभ मिलता है ।

Q5. रात में भूख लगे तो क्या खाएं?

A5. यदि आपको देर रात भूख लगती है, तो मुट्ठी भर मखाने, एक कप हल्दी वाला दूध (बिना चीनी), या एक छोटा फल (जैसे अमरूद) ले सकते हैं। बिस्कुट या चिप्स खाने की गलती न करें ।

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