क्या आपने कभी गौर किया है कि आपकी पसंदीदा जींस अब कमर से थोड़ी टाइट होने लगी है, जबकि आपको लगता है कि आप तो पहले जैसा ही खा रहे हैं? या फिर सुबह उठकर आईने में खुद को देखते हुए आपको वह पुरानी स्फूर्ति महसूस नहीं होती? मुझे पता है समय निकालना आसान नहीं होता, लेकिन यह समझना बहुत ज़रूरी है कि आखिर मोटापा क्यों बढ़ जाता है। यह केवल एक शारीरिक बदलाव नहीं, बल्कि आपकी सेहत का एक अलार्म है जिसे सही समय पर सुनना ज़रूरी है।
मोटापा मुख्य रूप से शरीर में ‘कैलोरी सरप्लस’ यानी ज़रूरत से ज़्यादा ऊर्जा जमा होने के कारण बढ़ता है। जब हम अपनी शारीरिक सक्रियता से अधिक कैलोरी लेते हैं, तो हमारा शरीर उसे वसा (Fat) के रूप में जमा करने लगता है। इसके पीछे भारत में वजन बढ़ने के मुख्य कारण और उपचार की बात करें, तो खराब मेटाबॉलिज्म, प्रोसेस्ड फूड, तनाव और हार्मोनल असंतुलन (PCOS/थायराइड) सबसे बड़े कारक हैं ।

क्या आपको भी लगता है कि बिना ज्यादा खाए आपका वजन बढ़ रहा है?
अक्सर मेरे पास आने वाले क्लाइंट्स एक ही सवाल पूछते हैं—”मैम, मैं तो बहुत कम खाती हूँ, फिर भी मेरा वजन कम नहीं हो रहा।” आसान शब्दों में समझें तो, वजन बढ़ना हमेशा ‘ज़्यादा खाने’ का नतीजा नहीं होता। कभी-कभी आपके शरीर की अंदरूनी मशीनरी यानी मेटाबॉलिज्म इतना धीमा हो जाता है कि वह कम खाने को भी पचा नहीं पाता।
भारत में मोटापा बढ़ने की वजह केवल कैलोरी नहीं, बल्कि हमारी बदलती ईटिंग हैबिट्स भी हैं। क्या आप भी उन लोगों में से हैं जो सुबह का नाश्ता स्किप करते हैं और रात को देर से भारी भोजन करते हैं? यह छोटी सी आदत आपके शरीर के ‘फैट स्टोरेज’ मोड को एक्टिवेट कर देती है। WHO की हालिया रिपोर्ट के अनुसार, लगभग 50% भारतीय पर्याप्त शारीरिक गतिविधि नहीं करते हैं, जो इस समस्या को और गंभीर बनाता है ।
फिट न होने की वजह से आईने में खुद को देख कर होने वाली वो निराशा
मैं समझ सकती हूँ कि जब आप अपनी पुरानी तस्वीरों को देखते हैं और फिर आज के खुद को, तो एक अजीब सी बेचैनी और निराशा होती है। यह केवल दिखने की बात नहीं है; यह आपकी कॉन्फिडेंस और एनर्जी लेवल से जुड़ा मामला है। मोटापा क्यों बढ़ जाता है बताते हैं कि शरीर में अतिरिक्त चर्बी जमने से केवल लुक नहीं बदलता, बल्कि शरीर के अंदर ‘क्रोनिक इन्फ्लेमेशन’ (सूजन) भी बढ़ने लगती है ।
इसका आपके रोज़मर्रा के रूटीन में क्या मतलब है? इसका मतलब है कि आपको छोटी-छोटी बातों पर थकान महसूस होना, सीढ़ियाँ चढ़ते हुए सांस फूलना या दिन भर सुस्ती रहना। NFHS-5 के आंकड़े बताते हैं कि भारत में हर चार में से एक व्यक्ति अब मोटापे या अधिक वजन की श्रेणी में आता है । यह निराशा आपको बदलाव की दिशा में पहला कदम उठाने के लिए प्रेरित कर सकती है।
मिथक: क्या सिर्फ ‘ज़्यादा खाना’ ही मोटापा बढ़ने की वजह है?
चलिए इसे आसान बनाते हैं। बहुत से लोग सोचते हैं कि डाइटिंग यानी भूखा रहना ही वजन घटाने का एकमात्र रास्ता है। यह एक बहुत बड़ा मिथक है। असल में, मोटापा और खराब जीवनशैली का गहरा संबंध है।
- क्वालिटी बनाम क्वांटिटी: आप कितना खा रहे हैं, उससे कहीं ज़्यादा ज़रूरी है कि आप क्या खा रहे हैं। 200 कैलोरी का एक समोसा और 200 कैलोरी का एक कटोरा पपीता, दोनों शरीर पर बिल्कुल अलग असर डालते हैं ।
- जेनेटिक्स का रोल: कुछ लोगों में शरीर में चर्बी क्यों जमती है, इसका जवाब उनके जींस में छिपा होता है। हालांकि, हार्वर्ड हेल्थ का शोध कहता है कि सही डाइट और एक्टिव लाइफस्टाइल से जेनेटिक मोटापे को भी मात दी जा सकती है ।
- अधूरी नींद: क्या आप जानते हैं कि कम सोने से भी वजन बढ़ता है? जब आप नहीं सोते, तो आपके भूख वाले हार्मोन (Ghrelin) बढ़ जाते हैं ।

विज्ञान की नजर में: शरीर में चर्बी क्यों जमती है और फैट स्टोरेज का गणित
वैज्ञानिक भाषा में समझें तो हमारा शरीर एक बैंक अकाउंट की तरह काम करता है। ‘कैलोरी इन’ (जो हम खाते हैं) और ‘कैलोरी आउट’ (जो हम खर्च करते हैं)। जब ‘कैलोरी इन’ ज़्यादा हो जाती है, तो शरीर उसे फ्यूचर के लिए वसा के रूप में स्टोर कर लेता है।
भारतीयों में एक विशेष स्थिति देखी जाती है जिसे ‘एशियन इंडियन फेनोटाइप’ कहते हैं। इसमें व्यक्ति का BMI सामान्य हो सकता है, लेकिन उसके पेट के पास काफी चर्बी (Visceral Fat) जमा होती है । ICMR-INDIAB के अध्ययन के अनुसार, भारत में लगभग 35 करोड़ लोग पेट के मोटापे (Abdominal Obesity) से पीड़ित हैं । यह चर्बी हमारे लिवर और हार्ट जैसे अंगों के लिए बहुत खतरनाक होती है और डायबिटीज का मुख्य कारण बनती है ।
भारतीय जीवनशैली की 5 बड़ी गलतियां जो मोटापे को दावत देती हैं
मोटापा क्यों बढ़ जाता है अक्सर हमारे किचन और डेली रूटीन में ही छिपी होती है। यहाँ 5 ऐसी गलतियाँ हैं जो हम अक्सर करते हैं:
- मैदा और चीनी का अत्यधिक उपयोग: समोसा, बिस्कुट और सफेद ब्रेड हमारे इंसुलिन लेवल को अचानक बढ़ा देते हैं, जिससे फैट जमा होता है ।
- बैठकर काम करने की आदत: घंटों लैपटॉप के सामने बैठना मेटाबॉलिज्म को सुस्त बना देता है। इसे ‘सिटिंग डिजीज’ भी कहा जाता है ।
- रात का भारी खाना: भारत में अक्सर रात का खाना (Dinner) सबसे बड़ा मील होता है, जबकि आयुर्वेद के अनुसार रात का भोजन सबसे हल्का होना चाहिए ।
- प्रोसेस्ड ‘हेल्दी’ फूड: बाजार में मिलने वाले ‘जीरो शुगर’ जूस या ‘डाइट’ चिप्स अक्सर सोडियम और छिपे हुए प्रीजरवेटिव्स से भरे होते हैं ।
- पानी की कमी: कई बार हमारा दिमाग प्यास को भूख समझ लेता है और हम पानी पीने के बजाय कुछ खा लेते हैं ।

हार्मोनल खेल: थायराइड, पीसीओएस और स्ट्रेस का वजन पर असर
कभी-कभी Causes of weight gain in Hindi का जवाब आपकी आदतों में नहीं, बल्कि आपके हार्मोन्स में होता है।
- थायराइड (Hypothyroidism): इसमें मेटाबॉलिज्म इतना धीमा हो जाता है कि वजन कम करना एक बड़ी चुनौती बन जाता है। थकान और ठंड लगना इसके मुख्य लक्षण हैं ।
- PCOS/PCOD: भारत में हर 10 में से 1 महिला PCOS से जूझ रही है। इसमें इंसुलिन रेजिस्टेंस के कारण वजन विशेष रूप से पेट के निचले हिस्से में बढ़ता है ।
- स्ट्रेस और कॉर्टिसोल: जब आप तनाव में होते हैं, तो शरीर ‘कॉर्टिसोल’ छोड़ता है। यह हार्मोन न केवल भूख बढ़ाता है, बल्कि शरीर को पेट पर चर्बी जमा करने का आदेश देता है ।
अक्सर की जाने वाली गलतियां: ‘हेल्दी’ जूस और नींद के साथ समझौता
हम अक्सर सोचते हैं कि हम हेल्दी विकल्प चुन रहे हैं, लेकिन क्या वाकई ऐसा है? फलों का रस (Fruit Juice) पीने के बजाय पूरा फल खाना ज़्यादा बेहतर है, क्योंकि जूस में फाइबर नहीं होता और शुगर बहुत ज़्यादा होती है ।
इसी तरह, नींद के साथ समझौता करना मोटापा क्यों बढ़ जाता है का एक बड़ा कारण है। हार्वर्ड हेल्थ के अनुसार, जो लोग 7 घंटे से कम सोते हैं, उनमें वजन बढ़ने की संभावना 15% अधिक होती है । नींद की कमी से मेटाबॉलिक फ्लेक्सिबिलिटी कम हो जाती है, जिससे शरीर फैट बर्न करने के बजाय उसे स्टोर करने लगता है 。
आपका डेली रूटीन: वजन बढ़ने के वैज्ञानिक कारण और बैलेंस रखने का तरीका
वजन को बैलेंस रखना कोई रॉकेट साइंस नहीं है। इसके लिए आपको बस अपने शरीर की ‘सर्कैडियन रिदम’ (जैविक घड़ी) को समझना होगा। भारत में वजन बढ़ने के मुख्य कारण और उपचार के अंतर्गत संतुलित आहार का महत्व सबसे ऊपर आता है।
संतुलित आहार तालिका (Sample Guide):
| समय | विकल्प (शाकाहारी) | विकल्प (मांसाहारी) |
| सुबह | गुनगुना नींबू पानी + 5 बादाम | गुनगुना नींबू पानी + 5 बादाम |
| नाश्ता | मूंग दाल चिल्ला या वेजिटेबल उपमा | 2 अंडे की सफेदी + 1 मल्टीग्रेन टोस्ट |
| दोपहर | 1 बाजरा/ज्वार रोटी + दाल + दही + सलाद | 1 रोटी + ग्रिल्ड चिकन/फिश + सलाद |
| शाम | भुने हुए चने या मखाना + ग्रीन टी | 1 उबला अंडा + हर्बल टी |
| रात | सब्जियों का सूप + मूंग दाल खिचड़ी 16 | क्लियर चिकन सूप + सौते सब्जियां |
विशेष टिप: रात का खाना हमेशा सोने से 3 घंटे पहले खाएं ।

छोटे बदलाव लाएंगे बड़ा फर्क: अपनी सेहत का सफर आज से शुरू करें
वजन कम करने के लिए आपको पहले दिन से ही 10 किलोमीटर दौड़ने की ज़रूरत नहीं है। छोटे और टिकाऊ बदलाव ही लंबे समय तक चलते हैं।
- घरेलू उपचार: सुबह खाली पेट गुनगुने पानी में नींबू और शहद का सेवन पाचन में मदद करता है 1। त्रिफला चूर्ण रात को लेने से शरीर के विषाक्त पदार्थ बाहर निकलते हैं 。
- घर पर एक्सरसाइज: यदि आप व्यस्त प्रोफेशनल हैं, तो 15 मिनट का HIIT (High-Intensity Interval Training) आपके लिए जिम जाने जितना प्रभावी हो सकता है ।
- आयुर्वेदिक उपचार: मेथी दाना भिगोकर उसका पानी पीना शुगर लेवल को स्थिर रखने और भूख को नियंत्रित करने में सहायक है ।
अपने शरीर की जरूरतों को समझें—Diet Dekho एक्सपर्ट से कस्टमाइज्ड सलाह लें
छोटा सा जवाब यह है कि हर शरीर अलग होता है। जो डाइट आपके दोस्त के लिए काम कर गई, वह शायद आपके लिए उतनी प्रभावी न हो। आपकी मेडिकल हिस्ट्री, लाइफस्टाइल और पसंद-नापसंद के आधार पर बनाया गया प्लान ही आपको स्थायी परिणाम दे सकता है।
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निष्कर्ष:
मोटापा केवल एक समस्या नहीं, बल्कि एक जीवनशैली की चुनौती है। सही जानकारी और थोड़े से अनुशासन के साथ इसे बदला जा सकता है। याद रखें, “कल से शुरू करूँगा” वाला दिन कभी नहीं आता। आपकी सेहत की शुरुआत आज और अभी से होती है। सकारात्मक रहें और अपने छोटे-छोटे सुधारों का जश्न मनाएं।
अस्वीकरण : यह ब्लॉग पोस्ट आपको समग्र रूप से स्वस्थ भोजन विकल्प चुनने में मदद करने के लिए लिखा गया है। इसलिए, सावधान रहें और अपना ख्याल रखें। किसी भी प्रकार का आहार शुरू करने से पहले अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखना सबसे महत्वपूर्ण है। यदि आपको कोई चिंता है, तो शुरू करने से पहले हमेशा डॉक्टर या आहार विशेषज्ञ से सलाह लें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
1. क्या मोटापा बढ़ने की वजह केवल बाहर का जंक फूड है?
नहीं, जंक फूड एक बड़ा कारण है, लेकिन घर में बनी अत्यधिक तली-भुनी चीज़ें, चीनी वाली चाय और शारीरिक गतिविधि की कमी भी समान रूप से ज़िम्मेदार हैं ।
2. अचानक वजन बढ़ने के कारण क्या हो सकते हैं?
अचानक वजन बढ़ना अक्सर थायराइड, PCOS, अत्यधिक तनाव या किसी नई दवा के साइड इफेक्ट के कारण हो सकता है। ऐसे में डॉक्टर से सलाह लेना ज़रूरी है ।
3. क्या तनाव से वाकई मोटापा बढ़ता है?
हाँ, वैज्ञानिक रूप से तनाव के दौरान निकलने वाला ‘कॉर्टिसोल’ हार्मोन भूख बढ़ाता है और विशेष रूप से पेट के पास चर्बी जमा करता है ।
4. क्या रात को फल खाना सही है?
आयुर्वेद और आधुनिक पोषण विज्ञान के अनुसार, फलों को दिन में खाना बेहतर है। रात में फल खाने से कुछ लोगों में ब्लड शुगर बढ़ सकता है और पाचन में समस्या हो सकती है ।
5. पेट की चर्बी घटाने के लिए सबसे अच्छा घरेलू उपाय क्या है?
सुबह खाली पेट नींबू-पानी, मेथी दाने का पानी और रात को त्रिफला का सेवन पाचन सुधारने और वजन घटाने में मदद करता है।
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